स्टबल बर्निंग में 41% की कमी
केंद्र सरकार ने कहा है कि 2016 की तुलना में 2018 में मल जलने की घटनाओं में 41 प्रतिशत की कमी आई है।
भारत ने समन्वित सार्वजनिक और निजी प्रयासों के माध्यम से प्रदर्शित किया है कि ऐसी चुनौतियों को प्रभावी ढंग से संबोधित किया जा सकता है।
यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीटी में फसल अवशेषों के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत विभिन्न प्रयासों के माध्यम से संभव हुआ।
पंजाब और हरियाणा के 4,500 से अधिक गांवों को 2018 के दौरान जीरो स्टबल बर्निंग विलेज के रूप में घोषित किया गया क्योंकि वर्ष के दौरान इन गांवों से एक भी फसल जलने की घटना नहीं हुई।
केंद्र सरकार ने कहा है कि 2016 की तुलना में 2018 में मल जलने की घटनाओं में 41 प्रतिशत की कमी आई है।
भारत ने समन्वित सार्वजनिक और निजी प्रयासों के माध्यम से प्रदर्शित किया है कि ऐसी चुनौतियों को प्रभावी ढंग से संबोधित किया जा सकता है।
यह पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीटी में फसल अवशेषों के इन-सीटू प्रबंधन के लिए कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने पर केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत विभिन्न प्रयासों के माध्यम से संभव हुआ।
पंजाब और हरियाणा के 4,500 से अधिक गांवों को 2018 के दौरान जीरो स्टबल बर्निंग विलेज के रूप में घोषित किया गया क्योंकि वर्ष के दौरान इन गांवों से एक भी फसल जलने की घटना नहीं हुई।
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