गुजरात सरकार ने नए एमबीबीएस डॉक्टरों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 3 साल की सेवा में कटौती कर के १ साल अनिवार्य कर दी है
लेकिन इस अवधि के लिए गांवों में सेवा देने से इनकार करने पर जुर्माना राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस साल से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर नियम में बदलाव लागू होगा।
स्व-वित्तपोषित कॉलेजों में प्रवेश लेने वालों या अखिल भारतीय कोटे के माध्यम से प्रवेश पाने वालों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा।
लेकिन इस अवधि के लिए गांवों में सेवा देने से इनकार करने पर जुर्माना राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख कर दिया गया।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इस साल से एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों पर नियम में बदलाव लागू होगा।
स्व-वित्तपोषित कॉलेजों में प्रवेश लेने वालों या अखिल भारतीय कोटे के माध्यम से प्रवेश पाने वालों के लिए यह नियम लागू नहीं होगा।
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