वैज्ञानिकों ने नासा के लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) का उपयोग करते हुए चंद्रमा के दिनों के आसपास पानी के अणुओं का अवलोकन किया
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि नासा के लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (LRO) का उपयोग करने वाले वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के दिनों के आसपास घूमते हुए पानी के अणुओं का अवलोकन किया है। ।
जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, लायन अल्फा मैपिंग प्रोजेक्ट (एलएएमपी) उपकरण से मापी गई, जो अणुओं की विरल परत के एलआरओ में अस्थाई रूप से सतह से चिपकी हुई है, जो एक दिन के दौरान चंद्र जलयोजन में बदलाव की विशेषता है।
नवीनतम शोध में चंद्र सामग्रियों से पानी के अणुओं को निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा का पता चला, जिससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि पानी सतह पदार्थों से कैसे जुड़ा है
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि नासा के लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (LRO) का उपयोग करने वाले वैज्ञानिकों ने चंद्रमा के दिनों के आसपास घूमते हुए पानी के अणुओं का अवलोकन किया है। ।
जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, लायन अल्फा मैपिंग प्रोजेक्ट (एलएएमपी) उपकरण से मापी गई, जो अणुओं की विरल परत के एलआरओ में अस्थाई रूप से सतह से चिपकी हुई है, जो एक दिन के दौरान चंद्र जलयोजन में बदलाव की विशेषता है।
नवीनतम शोध में चंद्र सामग्रियों से पानी के अणुओं को निकालने के लिए आवश्यक ऊर्जा की मात्रा का पता चला, जिससे वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद मिली कि पानी सतह पदार्थों से कैसे जुड़ा है
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