Friday, 8 February 2019

RBI ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में रेपो दर, रिवर्स रेपो दर में कटौती की


RBI ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में रेपो दर, रिवर्स रेपो दर में कटौती की
 
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति में रेपो दर को 25 आधार अंक घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है।

आरबीआई की छह-सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने भी रिवर्स रेपो दर को 6 प्रतिशत पर ला दिया।

रेपो दर वह दर है जिस पर रिज़र्व बैंक बैंकों को अल्पकालिक धन उधार देता है, जबकि रिज़र्व रेपो दर वह दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों से धन उधार लेता है।

पिछले साल दिसंबर में अपने गवर्नर शक्तिकांत दास की नियुक्ति के बाद आरबीआई द्वारा यह पहली नीति समीक्षा थी।

 श्री दास ने कहा कि दिसंबर में मुद्रास्फीति 18 महीने के निचले स्तर 2.19 प्रतिशत पर आ गई थी और अप्रैल - सितंबर में 3.2 - 3.4 प्रतिशत की सीमा तक बने रहने की उम्मीद थी, जो कि पिछले RBI की 3.8 - 4.2 प्रतिशत की भविष्यवाणी से कम है ।

 श्री दास ने भविष्य में और अधिक दरों में कटौती करने का संकेत दिया क्योंकि मुद्रास्फीति कम हो रही है।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2019-20 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहेगी, जो केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन द्वारा वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अनुमानित 7.2 प्रतिशत से अधिक है।

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