अध्ययन ने ऐसे जीवाणु बनाए जो विकास के लिए कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं
शोधकर्ताओं ने एस्चेरिचिया कोलाई नामक बैक्टीरिया विकसित किया है, जो कार्बनिक यौगिकों के बजाय ऊर्जा के लिए कार्बन-डी-ऑक्साइड का सेवन करते हैं।
सिंथेटिक बायोलॉजी में यह निर्माण बैक्टीरियल चयापचय की अविश्वसनीय प्लास्टिसिटी को उजागर करता है और भविष्य के कार्बन-न्यूट्रल जैव-उत्पादन के लिए रूपरेखा प्रदान कर सकता है।
शोधकर्ताओं ने एस्चेरिचिया कोलाई नामक बैक्टीरिया विकसित किया है, जो कार्बनिक यौगिकों के बजाय ऊर्जा के लिए कार्बन-डी-ऑक्साइड का सेवन करते हैं।
सिंथेटिक बायोलॉजी में यह निर्माण बैक्टीरियल चयापचय की अविश्वसनीय प्लास्टिसिटी को उजागर करता है और भविष्य के कार्बन-न्यूट्रल जैव-उत्पादन के लिए रूपरेखा प्रदान कर सकता है।
No comments:
Post a Comment