Monday, 31 December 2018

अंडमान और निकोबार में रॉस, नील और हैवलॉक द्वीपों का नाम बदला गया

अंडमान और निकोबार में रॉस, नील और हैवलॉक द्वीपों का नाम बदला गया

 पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा फहराए गए तिरंगे की 75 वीं वर्षगांठ के अवसर पर अंडमान और निकोबार के तीन द्वीपों का नाम बदलने की घोषणा की गई थी।

पोर्ट ब्लेयर में नेताजी स्टेडियम में घोषणा की गई थी

रॉस द्वीप का नाम बदलकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस
द्वीप  रखा गया है, नील द्वीप को अब शहीद द्वीप और हैवलॉक द्वीप को स्वराज द्वीप के नाम से जाना जाएगा।

 एक स्मारक डाक टिकट , पहला दिन का कवर और इस विशेष दिन पर 75 रुपये का सिक्का

जारी किया गया
 
 नेताजी के नाम पर एक डीम्ड यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी

 पोर्ट ब्लेयर में साउथ पॉइंट पर 150 फीट ऊंचा झंडा 30 दिसंबर, 1943 को पोर्ट ब्लेयर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा भारतीय धरती पर पहला तिरंगा फहराने की ऐतिहासिक घटना को भी समर्पित किया गया था।


अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए ऊर्जा, पर्यटन, कनेक्टिविटी और रोजगार के क्षेत्र में परियोजनाओं की एक श्रृंखला का उद्घाटन किया गया

इसमें 7 मेगावॉट सौर ऊर्जा संयंत्र, सौर ग्राम, स्टेट वाइड नेटवर्क का शुभारंभ, ऑप्टिकल फाइबर केबल चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर को जोड़ने, प्लाज्मा पुनर्जीवन संयंत्र, आयुष और गरमाचार अस्पतालों का उन्नयन, 50 मेगावाट एलएनजी पावर प्लांट, 20 इलेक्ट्रिक कारों की शुरूआत, जारी स्टार्ट-अप नीति
की पुस्तक, लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबार द्वीप औद्योगिक विकास योजना और चैथम बम्बोफैट पुल  शामिल है

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